06 सितंबर 2016

घोषणा भर सिमट रह गई आदर्श पंचायत की बात: बालम-गढ़िया के लोग उतरे सड़क पर

सरकार कोई भी हो, अक्सर घोषणा अधिक और काम कम ही होते हैं. जाहिर है ऐसे में लोगों के मन में गुस्सा तो पनपता ही है और ऐसी ही बातें घोषणा करने वालों के खिलाफ आन्दोलन बनकर फूट पड़ता है.
    मधेपुरा जिले और प्रखंड के बालम-गढ़िया पंचायत को आदर्श पंचायत घोषित किये करीब दो साल हो चुके हैं, पर घोषणा को आजतक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है. बड़े-बड़े नेताओं और पदाधिकारियों के दौरे ने यहाँ के लोगों के मन में उम्मीदें भर दी थी, पर पंचायत के लोग मानते हैं कि विकास नहीं हुआ.
   असंतुष्ट होकर आज बालम-गढ़िया पंचायत के सैंकड़ों लोगों ने चकला चौक पर चक्का जाम कर दिया. उनका कहना था कि वर्तमान में भूमि सर्वे में किसान परेशान हैं और किसानों को स्टेट बोरिंग, सोलर पम्प सेट, फसल बीमा, सस्ते दर पर खाद-बीज आदि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. इसके अलावे अभी तक बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए विभिन्न प्रकार के लघु तथा कुटीर उद्योग उपलब्ध करना था, जो नहीं हुआ. महादलितों को पक्के मकान और पक्की सड़कें एनी थी पर अभी तक वे अपनी जमीन पर कब्जे के लिए ही परेशान हैं. पेयजल से लेकर बिजली, उप स्वास्थ्य केंद्र, विवाह भवन, सामुदायिक भवन आदि कार्यों में भी प्रगति नहीं है तो फिर ये कैसा आदर्श पंचायत है.
    जाम कर रहे लोगों की मांगें कि घोषणा के अनुसार हमें सरकार सुविधा दें.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...