14 सितंबर 2016

‘अजब हाल है थानेदारों का, बुढ़िया की गठरी में बम ढूंढते हैं’: हाल-ए-सिंहेश्वर पुलिस

‘ये गुंडे, मवाली को कम ढूँढ़ते हैं,
 मुवक्किल से मोटी रकम ढूंढते हैं,
 अजब हाल है थानेदारों का यारो,
 बुढ़िया की गठरी में बम ढूंढते हैं.’

जी हाँ. भले की ये पंक्तियाँ हास्य कवि सम्मेलन सिंहेश्वर में कही गई थी पर ये आज मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर पुलिस पर सटीक बैठती सी लग रही है. सिंहेश्वर पुलिस अपनी विफलता छुपाने के लिये लगातार आम और निर्दोष आदमी को पकड़ कर थाने ले जाने में नहीं हिचकती है. थाना पहुँचते ही पीड़ित के परिवारवालों की स्थिति का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है. उसके बाद रात भर हाजत में रखने के बाद अचानक ही ‘पिपुल्स फ्रैंडली’ होने की याद आते ही पुलिस को उस निरीह पर दया आ जाती है, फिर वही खतरनाक सा लडका भला इन्सान हो जाता है. फिर भला कहकर लड़के को छोड दिया जाता है.
    सिंहेश्वर में कई लोगों का कहना है कि चोरी, छिनतई, लूट आदि की घटना में काफी बढोतरी हो गई है. विरोध में स्थानीय दुर्गा चौक के पास लोगों ने सड़क जाम कर घंटो बवाल काटा था लेकिन आज भी स्थिति वही है. आज तक एक भी घटना का उदभेदन नही हो सका है.
     जानकारी के अनुसार सिंहेश्वर के राम जानकी ठाकुरबाडी में चल रहे गणेश महोत्सव के कारण हाथी गेट के पास पूरी रात चहल पहल रहती है. पर लोगों को सुरक्षा देने की जगह वहां से लौट रहे एक युवक को पकड कर पुलिस थाने ले आई. युवक के पिता मेनरोड में पास ही आटा चक्की चलाने वाले रघुनाथ साह हैं. उससे पूर्व चंद्रसेन कुमार ने अपने साथ छिनतई की सूचना दी तो उसे ही पकड़ कर हाजत में बंद कर दिया. लोगो के विरोध को देखते हुऐ उसे भी छोड दिया गया. सहरसा के चॉकलेट व्यवसाई के साथ लूट हुई उसे थाना के बाहर से ही भगा दिया गया.
    लगातार हो रही इस तरह की घटना से लोग सहमे हुऐ है कि अगला नंबर किसका है? इस मामले मे थानाध्यक्ष बीडी पंडित ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.

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