10 सितंबर 2016

जानलेवा एन.एच.106 पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद में हैं लाखों लोग

मधेपुरा के उदाकिशुनगंज अनुमंडल जाने वाली मुख्य सड़क एन.एच 106 लम्बे समय से बदहाल है. एक ही चारपहिया सवारी के गुजरने लायक इस सड़क के दोनों तरफ छोटे-बड़े गढ्ढे बने होने के कारण छोटे वाहनों को साइड लेने में भारी परेशानी होती है, जिस कारण हमेशा सड़क दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है.
   जानकारी के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यकाल में एस एच मुख्य मार्ग को एन.एच.106 का मिला था दर्जा. थाना बीहपुर-बीरपुर मुख्य मार्ग का आज तक निर्माण कार्य नहीं हो सका है. एन एच 106 का दर्जा मिलने के बावजूद भी जर्जर सिंगल रोड से आने-जाने वाले लोग परेशान हैं. जान लेवा बना है एन एच 106 मुख्य मार्ग. हत्यारिन बनी इस जर्जर सड़क मार्ग पर अब तक पत्रकार सहित सैकड़ों राहगीरों की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है. वहीँ सड़क दुर्घटना कुछ वर्ष पूर्व बाल-बाल बचे थे मधेपुरा के तत्कालीन एस.पी. शौरभ कुमार साह.
   एक तरफ जहाँ उदाकिशुनगंज अनुमंडल जाने वाली एन एच 106 बिहपुर-बीरपुर  की जर्जरता को लेकर आये दिन लगातार निर्दोष लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जाने जा रही है वहीँ विभाग से लेकर जिला प्रशासन और सरकार उदासीन बने बैठे हैं. उक्त बिहार सरकार के सड़क को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यकाल में एन एच 106 का दर्जा तो प्राप्त जरुर है पर आज सड़क निर्माण के दिशा में कोई खास पहल नहीं की गयी. जबकि पिछले 23 वर्षों से राष्ट्रीय नेता शरद यादव, लालू यादव और वर्तमान में सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव भी मधेपुरा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं लेकिन बदहाल सड़क की सूरत बदलने का नाम नहीं ले रहा है. भले ही एक से बढ़कर एक दिग्गज और अपने को संघर्ष की सेनानी कहलाने वाले नेता विकास का ढोल हमेशा से पीटते रहे हैं, किन्तु सरजमीन पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है.
    ज्ञात हो कि पिछले गत वर्ष पूर्व वर्ष 2005 में सांसद शरद यादव के अध्यक्षता में परिवहन मंत्री वीसी खंडूरी ने एन एच 106  मुख्य मार्ग की उद्घाटन कर सड़क निर्माण की बात कही थी लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि के लापरवाही के कारण आज तक उक्त सड़क की निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. जबकि पिछले लोक सभा चुनाव के दौरान वर्तमान जिलाधिकारी मो. सोहैल के प्रयास से सड़क का मरम्मत कार्य सिर्फ खाना पूरी कर किया गया था.
     इस बावत जब मधेपुरा टाइम्स से मधेपुरा के जिलाधिकारी मो० सोहैल कहते हैं कि अब एन एच 106 सड़क का जिम्मा विभाग ने आईएलएफएस इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड को दे दिया है. जल्द निर्माण की दिशा में पहल की जाएगी. कंपनी के अधिकारी को बुलाया गया है. पर लोगों को तो काम चाहिए, प्रक्रिया में व्यर्थ जा रहे समय निराश करने वाले हैं. बताया गया कि ₹ 675 करोड़ की लागत से वर्ल्ड बैंक के सहयोग से NH 106 का काम होना है.
    भले ही सरकार और जिला प्रशासन विकास का डंका पीट रहे हों लेकिन धरातल पर विकास कोसों दूर है. आज 23 वर्ष पूर्व राज्य सरकार की सड़कों को एन एच 106 तो घोषित कर दिया गया पर आज भी मुख्य मार्ग पगडंडी बना हुआ है. अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कब तक बनेगा सड़क एन एच 106 मुख्य मार्ग और कब तक इस पिछड़े इलाकों के लोग के सकेंगे राहत की साँस?

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