10 सितंबर 2016

डीएम के औचक निरीक्षण में सदर अस्पताल की अराजकता की खुली पोल

जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट है. सरकारी दावों की पोल एक ही निरीक्षण में खुल जाती है. आम लोग परेशान हैं, पर स्वास्थ्य महकमा नौकरी के पुराने ढर्रे पर काम कर रहा है, जाहिर है सभी दावे हकीकत की धरातल पर औंधे मुंह गिर रहे हैं.
मधेपुरा में जिलाधिकारी मो० सोहैल के द्वारा शुक्रवार को सदर अस्पताल का किया गया औचक निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग की बदहाली की कहानी कह जाता है. एक तरफ जहाँ जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सफाई, चिकित्सकों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति और एएनएम समेत अन्य उपलब्ध कर्मचारियों की लापरवाही के गवाह बन रहे थे वहीँ जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले भर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बीडीओ तथा अन्य अधिकारियों की जांच में भी कमियां ही कमियां पाए जाने की सूचना है.
कई जगह कई विभाग बंद पड़े हुए थे तो अधिकांश जगह चिकित्सक ड्यूटी से नदारद थे. निरीक्षण कर रहे अधिकारियों ने लापरवाह चिकित्सक और कर्मियों को आवश्यक निर्देश तो दे दिए, पर देखा जाय तो जिले में अस्पतालों की बदहाली कोई नई बात नहीं है और सख्त निर्देश तो पहले भी दिए जाते रहे हैं जो किसी तरह के बदलाव लाने में सक्षम नहीं हो पाए. ऐसे में सख्त निर्देश के बदले जरूरत है सख्त कार्रवाई की ताकि सरकारी अस्पताल जाने वाले गरीबों को राहत मिल सके.

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