25 सितंबर 2016

मधेपुरा: व्हाट्सअप पर शरद यादव के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने पर जिला परिषद् सदस्य गिरफ्तार

बाल लहराता हुआ सूरज और स्वयंभू गरीबों का मसीहा मधेपुरा के जिला परिषद  क्षेत्र संख्या 23 चौसा पूर्वी प्रतिनिधि आजाद रोहित सोरेन के लिए आज का रविवार भारी रहा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. व्हाट्सअप पर आपत्तिजनक पोस्ट करने से हुई गिरफ्तारी के बाद रोहित के खिलाफ कई अन्य मामलों का भी खुलासा दिन भर में ही हो गया.
     आजाद रोहित सोरेन पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज होने और सांसद शरद यादव, पूर्व मंत्री सह आलमनगर के विधायक नरेंद्र नारायण यादव पर विकास कार्य में  उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए लुटेरा की संज्ञा देने पर चौसा थाना में मानहानि का मामला दर्ज किया गया है.

     बताया जाता है कि चौसा प्रखंड के लौआलगान पूर्वी निवासी आजाद रोहित सोरेन उर्फ चंदन कुमार यादव नौकरी के नाम पर दर्जनों लोगों को झांसे में लेकर रूपया ऐंठ लिया है. इस संदर्भ में पटना के कोतवाली थाना में कांड संख्या 151/15 में सोरेन समेत चार लोगों गोरखनाथ मंडल, अमरेन्द्र ठाकुर, श्यामसुंदर यादव पर भादवि की धारा 466,467,468,471,420 के तहत मामला दर्ज किया गया है. दर्ज मामले में कहा गया है कि उक्त सभी लोग नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों लोगों से मोटी रकम ऐंठ लिया है.

      चौसा थाना कांड संख्या 166/16 में चौसा सहौरा टोला निवासी दीपक कुमार पासवान ने भी यही आरोप लगा कर मामला दर्ज किया है. इसके अलावे चौसा बाजार निवासी राजेंद्र प्रसाद भगत के महाशक्ति इम्पोरियम रेडीमेड दुकान से खरीदे गये कपड़े पर दो लाख रुपये का भुगतान सोरेन द्वारा चेक के माध्यम से किया गया और साल बीतने के बाद खाते में रूपया नही रहने पर चेक बॉन्स कर गया. चेक बॉन्स  करने पर श्री भगत द्वारा चौसा थाना में सोरेन की लिखित शिकायत दर्ज की गई.
       इसके अलावे व्हाट्सअप के द्वारा जिला परिषद सोरेन द्वारा सांसद शरद यादव और सूबे के पूर्व मंत्री सह आलमनगर के विधायक नरेंद्र नारायण यादव पर क्षेत्र को उपेक्षित रखने की बात करते हुए लुटेरा नेता की संज्ञा दी थी. जिसपर चौसा जदयू की प्रखंड अध्यक्ष रेणु कुमारी ने चौसा थाना कांड संख्या 165/16 में भादवि की धारा 449, 500, 505, 506 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 की धारा 66 (ए) के तहत सोरेन  पर मानहानि का मामला दर्ज कराया.
    मामला दर्ज होते ही चौसा थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने सोरेन की गिरफ्तारी के लिये जाल बिछाया और गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार जिला परिषद रोहित सोरेन को पूछताछ के बाद उदाकिशुनगंज जेल भेज दिया गया. गिरफ्तार सोरेन को देखने के लिये थाना में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.


   
नवादा के व्यक्ति ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी : मामला चौसा प्रखंड के लौआलगान पंचायत निवासी गजेंद्र यादव के पुत्र चंदन कुमार उर्फ आजाद रोहित सोरेन उर्फ रोहित सोरेन का है. चंदन के खिलाफ फर्जी कागजात बनवाने और फर्जीवाड़ा करने के आरोप में पटना के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. 20 मार्च 2015 को दर्ज प्राथमिकी में फर्जीवाड़ा को अंजाम देने वाले इस गिरोह के खिलाफ नवादा जिले के सिरदला निवासी राजू प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

फर्जी कागजात बना बेच चुका है जमीन भी : एक अन्य मामले में भागलपुर जिले के बिहपुर थाना क्षेत्र के हरिओ गांव निवासी राजेश कुमार ने भी विगत अप्रैल माह में नवगछिया व्यवहार न्यायालय में रोहित सोरेन उर्फ चंदन यादव के खिलाफ साठ लाख रुपये ठगी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर कराया था. राजेश ने अपने मुकदमा में मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड के लौआलगान निवासी चंदन यादव उर्फ रोहित सोरेन पर फर्जी कागजात बना कर जमीन बेचने का आरोप लगाया है. मामला अदालत में लम्बित है.

कौन है रोहित सोरेन उर्फ़ चन्दन यादव?: मालूम हो कि जिला परिषद रोहित सोरेन पंचायत चुनाव में कई तरह से चर्चा में रहे. चर्चा है कि रोहित सोरेन पिछड़ी जाति से आते हैं और इनका मूल नाम चंदन कुमार यादव है. चंदन कुमार अनुसूचित जन जाति का बन कर व नाम बदल कर रोहित सोरेन बन कर जिला परिषद का चुनाव लड़ा और जनता के आशीर्वाद से जीत भी गया. चर्चा इस बात की भी है कि प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए न केवल अनुसूचित जन जाति का प्रमाण पत्र निर्गत करा लिया, बल्कि मतदाता सूची में अपना और अपने माता-पिता के नाम के पीछे उपनाम तक को बदल दिया है. विभाग की मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से इस फर्जीवाड़ा को अंजाम देनेवाले इस शख्स पर पहले से फर्जीवाड़े के कई मुकदमे चल रहे हैं.
        थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने कहा कि जिला परिषद रोहित सोरेन पर विभिन्न थाना में मामले दर्ज है. चौसा थाना में दर्ज धोखाधरी मामले को लेकर सोरेन को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया. मामले की जांच पड़ताल की जा रही है.
   अपनी गिरफ्तारी पर जिला परिषद सोरेन ने कहा कि व्हाट्स अप के जरिये सांसद शरद यादव एवं विधायक नरेंद्र नारायण यादव पर मैने जो आरोप लगाया है बिल्कुल सही है. दोनो जनप्रतिनिधि बताए आलमनगर विधान सभा का पिछले बीस वर्षों में कितना विकास हुआ है. सच तो कडवा होता ही है. हालांकि गिरफ्तारी के बाद उन्होंने माना कि आरोप तो सही लगाया पर आरोप लगाने का तरीका गलत था.

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