16 सितंबर 2016

नाबालिग के साथ स्कूल में दुष्कर्म के प्रयास के दोषी हेडमास्टर को 7 साल की सजा

मधेपुरा में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के प्रयास में जिले के बिहारीगंज थानाक्षेत्र के एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को आज मधेपुरा की कोर्ट ने कड़ी सजा सुना दी  है.
    मामला 27 अप्रैल 2015 के 3:00 बजे अपराह्न की है जब बिहारीगंज थानाक्षेत्र के बभनगामा स्थित कन्या मध्य विद्यालय के हेडमास्टर अजय कुमार वर्मा (48 वर्ष) ने गाँव की ही 14 वर्षीया सोनम (बदला हुआ नाम) को स्कूल भवन के पहले तल्ले पर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया. पीड़िता सोनम उस समय स्कूल के बगल से होकर अपने घर से कामत पिता के लिए खाना लेकर जा रही थी. हल्ला करने पर सोनम के चाचा की नजर स्कूल के पहले तल्ले की तरफ गई और उन्होंने भी हल्ला करना शुरू किया जिसपर अन्य लोगों ने वहां पहुँच कर सोनम को बचाया.
    मामले की सुनवाई बलात्कार के प्रयास (376/511 IPC) और POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) Act की धाराओं के तहत हेडमास्टर अजय कुमार वर्मा के खिलाफ श्री मिथिलेश कुमार द्विवेदी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश खिलाफ मधेपुरा की विशेष अदालत में हुई और आज गवाहों और सबूतों के आधार पर हेडमास्टर को सजा सुना दी गई.
    हेडमास्टर अजय कुमार वर्मा को बलात्कार के प्रयास (376/511 IPC) में 7 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रूपये अर्थदंड तथा POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) Act की धारा 10 के तहत 5 साल सश्रम कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुना कर सजा भुगतने जेल भेज दिया गया. अर्थदंड नहीं चुकाने की स्थिति में दोनों धाराओं में क्रमश: तीन महीने और दो महीने की साधारण कारावास की सजा दोषी को भुगतनी होगी.

जानें कुछ और क़ानून: सजाएं साथ-साथ (concurrently) चलने के आदेश से दोषी को अर्थदंड के अलावे अधिकतम सजा यानि जेल में 7 साल ही गुजारनी होगी जिसमें से इस मुक़दमे में जेल में रहे पीरियड को भी घटाया (benefit of set off) जाएगा. वैसे सजा के खिलाफ दोषी को उच्च न्यायालय में अपील का अधिकार प्राप्त है. 
(वि.सं.)

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