16 सितंबर 2016

‘एक को मनाऊं तो दूजा रूठ जाता है’: शहरी इलाके से रुके जल-प्रवाह को निकाला तो गाँवों में घुसा पानी, कुसहा त्रासदी की याद हुई ताजा

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत बेंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से पिछले दिनों नगर पंचायत के विभिन्न वार्ड में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी, पर लोगों द्वारा सजगता दिखाने पर प्रशासन की नींद खुली और प्रशासन ने गंगा नदी पर बने पुराने डायवर्शन को पूर्ण रुप से तो न सही लेकिन कुछ अंशों में हटवा कर रुके जल प्रवाह को निकालने में सफलता पाई.
       एकाएक रुका हुआ जल प्रवाह आगे बढ़ा तो मुरलीगंज प्रखंड के बगल के गावों में फिर से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. बता दें कि 2008 के बाद बारिश बहुत ही कम हुई थी, जिसके कारण नदी की धारा में विभिन्न जगह रुकावट आ जाने के कारण जलस्तर में ही वृद्धि लोगों की परेशानी का सबब बनता जा रहा है. रघुनाथपुर गांव से बिल्कुल सट कर बेंगी नदी बहती है एवं उसी नदी से सटे गांव  मुरहो टोला, झखरना, बेलदारी, रमणी इन सभी गांव में पिछले दिनों से ही जल स्तर में वृद्धि हुई है. इस तरह जलस्तर में भी वृद्धि से लोग काफी परेशानी में हैं. सड़कों पर पानी लग चुका है. लोग यातायात के लिए भाड़े के नाव से आवागमन कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से अब तक आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है ना ही कोई सरकारी कार्यवाही की गई है.
     ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जल स्तर में कमी नहीं आती है तब तक हमारी समस्या बनी रहेगी. ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक पंचायत स्तर के कोई भी प्रतिनिधि हम लोग की सुधि लेने नहीं पहुंचे हैं, न ही प्रखंड स्तर के कोई पदाधिकारी हमारी समस्याओं को देखने को आए हैं.
    इस बात पर प्रखंड विकास पदाधिकारी मुरलीगंज अनुरंजन कुमार ने बताया कि जांच उपरांत सहायता सामग्री उपलब्ध करवा दी जाएगी.

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