30 अगस्त 2016

मधेपुरा: स्वास्थ्य उप-केंद्र में चल रही है लकड़ी की दुकान

मधेपुरा जिला और प्रखंड के साहुगढ़ गाँव में बना उप-स्वास्थ्य केन्द्र बदहाली के दौर से गुजर रहा है. लम्बे समय से इस उप-स्वास्थ्य केन्द्र में ताला लटक रहा है और चिकित्सक के नहीं रहने से केन्द्र में एक लकड़ी की दुकान चल रही है.जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमों के अधिकारी केन्द्र पर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे  ग्रामीणों को चिकित्सीय भारी असुविधा हो रही है और ग्रामीण काफी परेशान हैं. 
     हालाँकि सदर प्रखंड के साहुगढ़ गाँव में बना उप-स्वास्थ्य केन्द्र सिर्फ बानगी भर है और जिले के कई प्रखंडों में उप-स्वास्थ्य केन्द्र का लगभग यही हाल है. सरकारी आंकड़े के मुताबिक जिले में एक दर्जन से अधिक उप-स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थिति देखकर हैरान और दंग रह जाएंगें. जबकि अधिकारी के अनुसार विभाग में कर्मचारी और चिकित्सक की घोर कमी है. लम्बे समय से विभाग में रिक्तियाँ खाली है बहाली की प्रक्रिया में सरकार की लापरवाही भी बताया जा रहा है. लेकिन सवाल उठता है कि इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कम जिम्मेदार नहीं हैं. जनप्रतिनिधियों को भी सरकार तक बातों को मजबूती से रखने की जरूरत है तभी समस्याओं की निदान संभव भी हो सकता है. भले हीं सूबे के स्वास्थ्य मंत्री व्यवस्था को मजबूत करने की बात कर रहे हों पर धरातल पर स्थिति काफी ख़राब है. विभागीय अधिकारी समेत जिला प्रशासन की भी मज़बूरी समझी जा सकती है.
   हालाँकि इस बाबत जब सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के सामने उप-स्वास्थ्य केन्द्र की बदहाली पर मधेपुरा टाइम्स ने सवाल खड़ा किया तो सिविल सर्जन गदाधर प्रसाद पांडे ने बताया कि तत्काल सहुगढ़ गाँव में एएनएम को पदस्थापित कर दिया गया है. जल्द हीं उप-स्वास्थ्य केन्द्र चालू कर दिया जाएगा. एक सवाल के जबाब में सिविल सर्जन ने हँसते हुए कहा जब केन्द्र चालू नहीं है तो लकड़ी की दुकान कैसे चालू हो सकता है. इस मामले की जानकारी नहीं है, अगर ऐसी बात है तो कारवाई कर दुकान को तत्काल हटाया जाएगा. 

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