19 अगस्त 2016

सहरसा: डॉक्टर से रंगदारी मांग कर कोसी में दहशत फैलाने वाला सरगना गिरफ्तार

अपनी जान की रक्षा के लिए धरना-प्रदर्शन सहित कैंडिल मार्च निकालने के अलावे काम-काज ठप्प कर लगातार आंदोलन कर रहे धरती के भगवान आखिरकार ना केवल चैन की सांस ले रहे हैं बल्कि उनके घर होली और दिवाली एक साथ मनाई जा रही है. बीते दस अगस्त को डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह के मोबाइल नम्बर 9931025790 पर मोबाइल नम्बर 7808434040 से पहले एसएमएस फिर फोन कर के पच्चीस लाख रूपये रंगदारी की मांग की गयी थी. रंगदारी नहीं देने पर भेजे में बुलेट उतारने की अलग से भयावह धमकी दी गयी थी. यही नहीं डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह पर बीते 26 जुलाई की रात में सदर थाना के महिला कॉलेज के समीप गोली भी चलाई गयी लेकिन गोली उनकी कर के अगले हिस्से में लगी और डॉक्टर ब्रजेश बाल-बाल बच गए.
       रंगदारी मांगे जाने से डॉक्टर समुदाय ना केवल डरा -सहमा हुआ था बल्कि बौखलाया हुआ था. इस बीच डॉक्टरों ने पांच दिनों तक हड़ताल कर के पुरे जिले में खलबली मचा दी थी।मरीज त्राहिमाम कर रहे थे. पुलिस–प्रशासन के लिए हड़ताल की समाप्ति और अपराधियों की गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती थी. पुलिस ने हड़ताल के दौरान रंगदारी मांगने मामले में विशाल सिंह नाम के एक अपराधी को पकड़कर जेल भेज दिया और किसी तरह से डॉक्टरों की हड़ताल तुड़वाने में कामयाबी हासिल की. हांलांकि इस गिरफ्तारी से डॉक्टर समुदाय पूरी तरह से संतुष्ट नहीं था. खैर,अब उस मसले पर बहस व्यर्थ है. सदर थानाध्यक्ष संजय सिंह, एस.डी.पी.ओ. सुबोध विश्वास, एस.आई.मंगलेश कुमार और खुद पुलिस कप्तान अश्वनी कुमार की लगातार अपराधी को दबोचने की ईमानदार कोशिश ने पुलिस को कामयाबी का सेहरा पहनाया.
    डॉक्टर ब्रजेश सिंह से रंगदारी मांगने का मास्टर माईन्ड डॉक्टर आई.डी.सिंह के बगल में स्थित आदित्य पैथोलॉजी का कर्मचारी कार्तिक चौधरी निकला जो महिषी का रहने वाला है. कार्तिक की जान-पहचान अपराध सरगना संतोष यादव उर्फ़ सूरज सम्राट से थी, जो नवहट्टा थाना के मुहम्मदपुर गाँव का रहने वाला है और सदर थाना के संत नगर में एक भाड़े का मकान लेकर रहता है. संतोष संत नगर स्थित अपने आवास से ही अधिकतर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था. मोबाइल सर्विलांस और मुखबिरों की पुख्ता सूचना पर कार्तिक चौधरी की गिरफ्तारी उसके गाँव से की गयी, जहां से रंगदारी मांगने में इस्तेमाल सिम और मोबाइल भी बरामद हो गए. फिर कार्तिक की निशानदेही पर संत नगर से सरगना संतोष को दबोचा गया. संतोष के पास से पुलिस ने दो पिस्टल, तीन कारतूस, एक मैगजीन, एक बिंडोलिया और एक लाख बयालीस हजार रूपये बरामद किये हैं. दोनों अपराधियों ने अपने गुनाह स्वीकार कर लिए हैं. पुलिस इनदोनों से गहन पूछताछ कर रही है की और कितने संगीन मामलों में इनकी संलिप्तता रही है. 

क्या कहते हैं डॉक्टर?: पीड़ित डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर बेहद ख़ुशी जताई और कहा कि हमारे घर आज होली और दिवाली दोनों एक साथ मनाई जा रही है. डॉक्टर गणेश कुमार, डॉक्टर विजय शंकर, डॉक्टर अजय कुमार सिंह, डॉक्टर रंजेश सिंह, डॉक्टर एसपी सिंह, वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर गोपाल शरण सिंह, डॉक्टर भुवन कुमार सिंह, डॉक्टर वृजेन्द्र देव सहित दर्जनों डॉक्टर ने पुलिस की इस कामयाबी पर पुलिस के अधिकारी सहित जवानों को बधाई दी है. सभी राहत की सांस ले रहे हैं.

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?: पुलिस कप्तान अश्वनी कुमार ने कहा कि यह मामला उनके लिए बेहद चुनौतियों से भरा हुआ था. वे पल-पल इस मामले की मोनेटरिंग कर रहे थे. पुलिस ने अपना कर्तव्य बेहतरीन ढंग से निभाया, जिसका नतीजा सामने है. आगे भी अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्सा नहीं जाएगा और उन्हें सलाखों के अंदर भेजा जाएगा.
(साभार: http://www.koshixpress.com/)

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