13 अगस्त 2016

थानाध्यक्ष ने आरोपी के कहने पर पीड़ित को ही डाल दिया हाजत में

भले ही पूरे बिहार में पुलिस को पीपुल्स फ्रैंडली बनाने की कवायद में उच्चाधिकारी लगे हों और समय-समय पर इसके लिए वर्कशॉप का भी आयोजन करवाते हों, पर अक्सर कई पुलिस वालों की करतूत पुलिस की सुधरती छवि को दाग लगा जाती है.
     पुलिस का एक और कारनामा मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर में भी उस समय देखने को मिला जब एक पीड़ित ने अपने मोबाइल और रूपये छीनने की सूचना थानाध्यक्ष को दी और थानाध्यक्ष महोदय ने आरोपी के कहने पर उल्टा पीड़ित को ही हाजत में बंद कर दिया.
   जाहिर सी बात थी ऐसे अजीबोगरीब घटना की चर्चा सिंहेश्वर के हर चाय और पान दुकानों पर चटकारे ले कर कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार सिंहेश्वर पंचायत के वार्ड नंबर 3 के निवासी चंद्रशेन कुमार की मोबाइल अतिथिगृह के पास बरगद पेड़ के नीचे कई बाइक लूट कांड के आरोपी सूरज दास और सोनू कुमार ने छीन लिया.
    पीड़ित घर आकर लोगों को पूरी बात बताई तो लोगों की सलाह पर उसने एक पत्रकार से थाना का नंबर लेकर फोन पर थानाध्यक्ष को इसकी सूचना दी. बताया जाता है कि अपराधी प्रवृत्ति के आरोपी के द्वारा आरोप झुठलाने औए उसके कहने पर सिंहेश्वर थानाध्यक्ष बीडी पंडित ने एक सूचना देने वाले चंद्रशेन कुमार को ही पकड़ लिया और हवालात में बंद कर दिया. हालांकि बाद में मामले को बिगड़ता देख थानाध्यक्ष ने युवक को छोड दिया.
    ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब किसी थानाध्यक्ष की कार्यशैली इस तरह की हो जाए तो न सिर्फ अपराधियों का मनोबल बढेगा बल्कि कोई भला आदमी किसी बात की शिकायत करने थाना जाने की हिम्मत शायद ही जुटा पायेंगे.
    मामला जांच कर कार्रवाही करने का तो बनता ही है.

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