13 अगस्त 2016

सुपौल: आर्थिक अपराध इकाई ने करोड़ों के धान घोटाले की शुरू की जांच

सुपौल। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना धान अधिप्राप्ति के दौरान जिले में हुए करोड़ों रुपये के धान घोटाला मामले की जांच अब शुरू हो गयी है।आर्थिक अपराध इकाई बिहार, पटना से मामले के अनुसंधानकर्ता शनिवार को सुपौल पहुंच कर मामले की छानबीन प्रारंभ कर दिया है. जिला प्रबंधक बिहार राज्य खाद्य निगम का कार्यालय खुलते ही आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी ने कार्यालय में धावा बोला और जिला प्रबंधक सहित अन्य कर्मियों से धान अधिप्राप्ति से जुड़े फाइलों को अपने कब्जे में ले कर घंटों छानबीन करते रहे.
      इस दौरान बिहार राज्य खाद्य निगम के कार्यालय में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था. जिला प्रबंधक अशोक निधि कार्यालय आने वाले आम लोगों को कार्यालय आने से रोक रहे थे. स्थिति यह थी कि जिला प्रबंधक श्री निधि मीडियाकर्मियों को भी यह बता कर दिग्भ्रमित कर रहे थे कि यहां कोई किसी जांच के लिए अधिकारी नहीं आये हैं. छानबीन के लिए पहुंचे अधिकारियों ने जांच प्रभावित होने का हवाला दे कर जांच की कार्रवाई के बाबत कुछ भी बताने से परहेज किया. आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी के कार्यालय पहुंच कर मामले की जांच करने के कारण अधिकारी, मिलर माफिया व कर्मियों में हड़कंप व्याप्त है.
     ज्ञात हो कि धान अधिप्राप्ति के दौरान जिले में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती गयी थी. इस दौरान अधिकारी व मिलर माफियाओं के गंठजोड़ से करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया गया था।जिले में लगभग 100 करोड़ से अधिक राशि का गबन धान अधिप्राप्ति के दौरान किया गया. मामले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर हुए जांच में तत्काल 67 करोड़ के गबन की पुष्टि हुई.
     जांचोपरांत कई अधिकारी व कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की गयी. वहीं इस मामले में कई मिलरों के विरुद्ध सदर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी. लेकिन प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद एक भी अधिकारी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पायी है. सरकार ने करोड़ों रुपये के इस घोटाले को गंभीरता से लेते हुए पांच करोड़ से अधिक गबन करने वाले मिलरों के विरुद्ध जांच का आदेश आर्थिक अपराध इकाई पटना को सौंपा. आर्थिक इकाई पटना ने नौ करोड़ रुपये गबन के मामले में बेगुसराय जिले के मटिहानी थाना क्षेत्र के लाइफ लाइन राइस मिल के मालिक पवन कुमार के विरुद्ध आर्थिक अपराध थाना पटना में कांड संख्या 05/15 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया. इसी कांड के अनुसंधानकर्ता आर्थिक अपराध इकाई पटना के इंस्पैक्टर रैंक के अधिकारी शनिवार को जिला प्रबंधक कार्यालय में जांच के लिए पहुंचे थे.

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