13 अगस्त 2016

सहरसा: डॉक्टर ब्रजेश सिंह से 25 लाख रंगदारी मांगने का मामला, क्या किसी करीबी की साजिस के शिकार हो रहे हैं चिकित्सक?

सहरसा के चिकित्सक डॉ० ब्रजेश कुमार सिंह से 25 लाख रूपये की रंगदारी मांगने के मामले का उद्भेदन करने में सहरसा पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है. आये दिन अपराधियों के लिए सॉफ्ट टार्गेट बन रहे चिकित्सक से इस बार रंगदारी मांगे जाने के बाद सहरसा के चिकित्सक ऐसी घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए बेमियादी हड़ताल पर चले गए तो पुलिस ने आनन-फानन में दो प्यादों को गिरफ्तार कर मामले में प्रगति दिखाने का खोखला प्रयास तो कर दिया, पर ‘सम्राट’ की गिरेबान तक पुलिस के हाथ कब तक पहुँच सकेंगे, कहना मुश्किल है.
    बता दें कि इसी 10 अगस्त को नया बाजार स्थित फिजिशियन डॉ० ब्रजेश कुमार सिंह से शाम के 05:04 बजे मोबाइल नंबर 7808434040 से रंगदारी मांगी गई. सामने वाले ने अपना नाम ‘सम्राट’ बताया और 25 लाख रूपये मांगे. चिकित्सक ने ‘रंगदार’ की पूरी बात नहीं सुनी और इसे प्रदर्शित भी किया जिसके बाद उधर से गाली और जान से मारने की धमकी दी गई. उसके बाद इसी मोबाइल से रात में 08:09 बजे एक मैसेज आता है जिसमें लिखा रहता है, “Kan me bulet gayega to sab sunayi dega,,pure 25 lakh ready ker massage karo. is baar sp, cm, koi nahi bacha payega tumhe..”
    जाहिर सी बात थी इसके बाद न सिर्फ डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह के घर में बल्कि पूरे कोसी में दहशत का वातावरण तैयार होना लाजिमी ही था. पुलिस को दिए गए आवेदन में पीड़ित चिकित्सक ने सूचना दी कि विगत 8 फरवरी को भी उनसे मोबाइल नंबर 9060773449 से 20 लाख रूपये की रंगदारी मांगी गई थी और इसी 27 एवं 28 जुलाई को उसी नंबर से सुबह मिस्ड कॉल भी आया था. इससे पहले 26 जुलाई को रात को डॉक्टर सिंह के कार पर गोली भी चलाई गई थी.
    डॉक्टरों ने फिर इस बार एकजुटता दिखाई तो पुलिस ने मोबाइल नंबर से जुड़े सिम बेचने वालों को हिरासत में लेकर खानापूरी कर दी. बताया जाता है कि जाँच में पता चला कि फर्जी आईडी पर सिम लिया गया था.
    मधेपुरा टाइम्स की पड़ताल में कई बातें ऐसी भी आ रही है जो इस बात की तरफ संकेत देता नजर आ रहा है कि रंगदारी मांगने के इस पूरे घटनाक्रम में डॉक्टर ब्रजेश सिंह से वर्तमान या भूत में करीब से जुड़ा हुआ कोई व्यक्ति भी हो सकता है. सूत्र बताते हैं कि भले ही अपराधियों ने किसी फर्जी आईडी प्रूफ की मदद से डॉक्टर से रंगदारी की मांग की हो, परन्तु कॉल करते समय अज्ञात अपराधी का टॉवर लोकेशन नया बाजार भी दर्शाता है. यहाँ हम दो बातों पर आशंका जाहिर कर सकते हैं. पहली कि सहरसा पुलिस की कार्यशैली ढीली-ढाली है जो इस बात से भी नजर आती है कि पिछली बार जब कार पर फायरिंग होने के बाद चिकित्सक पुलिस के पास गए थे तो पुलिस ने शिकायत के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई.
    यदि हम कॉल करने वाले के आवाज पर गौर करें तो इस बात की भी आशंका दिखाई देती है कि कॉल करने वाले ने फोन पर आवाज बदलने की भी कोशिश की है. जहाँ तक रंगदारी मांगने के ट्रेंड की बात है तो अक्सर अपराधी बड़े और बहुत ज्यादा कमाई वालों से ही मोटी रकम मांगते हैं. हमारे कहने का यह मतलब कतई नहीं है कि दूसरी डॉक्टर से रंगदारी की मांग होनी चाहिए, पर सहरसा में डॉ. ब्रजेश सिंह से बड़े और ज्यादा कमाई करने वाले चिकित्सक और भी हैं. आशंका इस बात की भी है कि रंगदारी मांगने वाले से जुडा कोई व्यक्ति पीड़ित चिकित्सक के करीबी होने का स्वांग कर अपराधियों को हर सूचना पहुंचाता हो.
    जो भी हो, मामला पुलिसिया जांच से जुड़ा है और पूरे मामले की जांच गंभीरता से योग्य और तकनीकी जानकार पुलिस अधिकारी से कराना अत्यावश्यक है, वर्ना खौफ में जी रहे डॉक्टरों की सेवा बाधित होने से इलाके आम लोगों के लिए तो अशुभ साबित होगा ही, पुलिस की साख पर भी बड़ा बट्टा लगना तय मानिए.
(रिपोर्ट: आर. के. सिंह)

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