16 अगस्त 2016

डॉ. ब्रजेश सिंह से रंगदारी के विरोध में सहरसा के बाद अब मधेपुरा और सुपौल के डॉक्टर भी हड़ताल पर, बिगड़ी स्वास्थ्य सेवा

सहरसा शहर के फिजीशियन डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह से 25 लाख की रंगदारी माँगने के विरोध मॆ आज 16 अगस्त से मधेपुरा के सभी प्राइवेट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल मॆ शामिल हो गये हैं.
     माना जाता है कि मधेपुरा के आईएमए ने डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह के समर्थन में रंगदारी मांगने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर दवाब बनाने के लिए यह निर्णय लिया है और आईएमए ने चेतावनी दी है अगर अपराधी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो कोशी के सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले जायेगे और चिकित्सा सेवा ठप कर दी जायेगी.
      मधेपुरा में फिलहाल अभी सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा जारी है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण आम जनता को परेशानी के दौर से गुजरना पड़ रहा है. बता दें कि आज जब मधेपुरा के जिला पदाधिकारी मो० सोहैल को डॉक्टर के हड़ताल पर चले जाने की सूचना मिली तो तुरंत मधेपुरा  हॉस्पिटल पहुच कर उन्होंने स्थिति  की जानकारी ली और कई निर्देश दिये.
        उधर सुपौल के भी निजी डॉक्टर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. जिन्हें भाषा और आईडीए (Indian Dental Association) का भी समर्थन प्राप्त है. इस सम्बन्ध में भाषा के क्षेत्रीय सचिव डॉ. कन्हैया प्रसाद सिंह ने बताया कि अररिया जिले के जोकीहाट में भी चिकित्सक पर हमला हुआ है जिस कारण डॉक्टर भयभीत हैं. सुरक्षा तंत्र विफल साबित हो रहा है. चिकित्सकों की सुरक्षा जबतक सुनिश्चित नहीं की जाती उनका आन्दोलन जारी रहेगा. बताया कि 25 अगस्त को पटना में चिकित्सकों द्वारा विशाल रैली व प्रदर्शन किया जाएगा.
     उधर चिकित्सकों के हड़ताल के दौरान आज उस समय आज जिले के गम्हरिया पुल के पास एक मारुति कार ने मधेपुरा निवासी अजित कुमार पिता दीपनारायन को पीछे से सीधे टक्कर मार दी और उसी क्रम में सतोखर की एक वृद्धा तुलन देवी बुरी तरह जख्मी हो गई. घटना के बाद उसे मधेपुरा सदर अस्पताल लाया गया जहाँ तुलन देवी की मौत हो गई और अजित कुमार गम्भीर रूप से घायल होने के कारण  पूर्णिया ले जाया गया. चूँकि मधेपुरा मॆ डॉक्टर हड़ताल पर चले गये है इस कारण आम जनता को परेशानी होना लाज़मी है. आज प्राइवेट डॉक्टर के हड़ताल पर चले जाने से सदर अस्पताल का रुख लोगों ने किया पर सरकारी अस्पतालों मॆ भीड़ बढ़ती जा रही है तो ऐसे में बहुत से लोग तो पूर्णियां और पटना जाने का मन बना रहे हैं.
    ऐसे में आवश्यक है कि सहरसा पुलिस अविलम्ब असली रंगदारों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर मामले का पटाक्षेप करे. 
(मधेपुरा से महताब अहमद और सुपौल से अशोक यादव की रिपोर्ट)

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