02 अगस्त 2016

तस्करी को ले जाये जा रहे मवेशियों को एसएसबी ने दबोचा

सुपौल। इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र इन दिनों तस्करो के लिए सुरक्षित स्थल के रुप में साबित हो रहा है. तस्कर शराब, नारकोटिक मेडिसिन, मानव, मवेशी सहित अन्य सामग्रियों की तस्करी कर मालामाल हो रहे हैं. सीमा पर तैनात एसएसबी तथा स्थानीय पुलिस के आंख में धूल झोंकने के लिए तस्कर तस्करी के नए-नए तरीके ईजाद कर तस्करी कार्य को अंजाम देने में लगे रहते हैं. कुछ ऐसा ही वाकया मंगलवार को देखने को मिला जहां तस्कर दो दलित मासूम बच्चों का इस्तेमाल कर फत्तेपुर नेपाल सीमा से पचास मवेशियों को वीरपुर हवाई अड्डा परिक्षेत्र में ले जा रहे थे.
       एसएसबी को गुप्त सूचना मिली कि कुछ तस्कर मवेशियों को नेपाल से भारत के रास्ते कहीं और ले जा रहे हैं. जो फत्तेपुर होते हुए वीरपुर हवाई अड्डा के बीच से पार करने की जुगत में थे. सूचना के आधार पर एसएसबी के जवानों ने निर्धारित जगह पर पहुंच कर दो बच्चों के साथ मवेशियों को अपने कब्जे में कर लिया. सूचना प्राप्त होते हीं  45वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट राम अवतार भलोठिया ने फत्तेपुर बीओपी पहुंच कर कब्जे में लिये गये मवेशियों के साथ वीरपुर हवाई अड्डा परिसर तक पहुंचे. वहीं मवेशी के साथ पकडे गए दो बच्चों में एक का नाम अरबिंद कुमार पिता नारायण सदा तथा दूसरे बच्चे का नाम कुलदीप कुमार पिता नारायण सदा फत्तेपुर वार्ड नंबर दो का निवासी बताया जा रहा है.
    बच्चों ने बताया कि दो आदमी ने उन दोनों को इन मवेशियों को वीरपुर हवाई अड्डा परिसर में पहुंचाने के लिए कहा था. जिसके बदले में उन लोगों ने इन बच्चों को एक-एक सौ रूपये भी दिए. पकडे गए दोनों बच्चों ने मवेशी देने वाले व्यक्तियों को पहचानने से इनकार किया है. वहीं बसंतपुर के कुछ स्थानीय लोग पकडे गए मवेशियों में से लगभग आधे मवेशियों पर अपना दावा पेश किया. जबकि कमांडेंट श्री भलोठिया ने इन दावो को खारिज करते हुए पकडे गए सारे मवेशियों के तस्करी किये जाने की बात स्वीकारी.

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