03 जुलाई 2016

"ATM ले कर आए हैं, बस इस लड़की जान बच जाए”: खाकी में इंसान

ATM ले कर आए हैं तुरबसु जी, बस जान बच जाए. ये बात किसी अपने की ही जुबान से सुनने को मिलता है. लेकिन ये बोलने वाला पुलिसवाला हो; विश्वास नहीं होता! पर ये सच है कि सुमन सिंह थाना अध्यक्ष चौसा एक लड़की के बारे में हम पत्रकारों से कह रहे थे. बात सिर्फ कहने की नहीं, उन्होंने ऐसा किया भी. थानाध्यक्ष का आज के दिन का अधिकांश समय सदर अस्पताल में ही कटा. साढ़े 10 बजे सुबह से 4 बजे शाम और साढ़े 8 बजे से साढ़े 10 बजे रात में मैं अस्पताल में ही था. सुमन सिंह अब तक खुद से उसके होश में आने का इंतज़ार कर रहे हैं. सुबह से कुछ खाया नहीं. शाम को भुजा मंगा कर अपने सिपाही साथियों के साथ खाया. एसपी साहब भी बार-बार लड़की की खबर ले रहे थे और उन्हें चौसा लौटने के लिए भी कह रहे हैं लेकिन मन है कि मान नहीं रहा. वे कहते है भई इसकी जान बच जाए तो मैं इसके लिए एक दिन भोले बाबा की पूजा करने सिंहेश्वर जाऊंगा.
         आखिर एसआई सुमन सिंह किसके लिए इतने चिंतित हैं? चौसा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में अहले सुबह सड़क किनारे पोखर में बेहोशी की हालत एक लड़की मिली थी. सुबह से मैं भी इस खबर पर लगा था. लोग तरह-तरह की बातें कर रहे थे. खबर ये भी आ रही थी कि लड़की के साथ गैंग रेप हुआ है फिर उसकी हत्या का प्रयास किया गया है. खबर हिला कर रख देने वाली थी. मैं भी हड़बड़ी में था, जल्द से जल्द जाँच हो और डॉक्टर कुछ तो सूत्र दें. लेकिन इस लड़की ने सदर अस्पताल की दुर्दशा का भी भेद खोल दिया. लड़की के इलाज और जाँच के लिए सुबह 10:30 बजे तक ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर अनुपस्थित थी. बार-बार फोन करने के बाद मैडम दोपहर बाद एक बजे पहुँची. प्रारंभिक जाँच के बाद पता चला कि पीड़ित लड़की के अंदरूनी हिस्से में कोई जख्म नहीं है. गर्दन और गाल पर रस्सी के स्पष्ट जख्म बने हुए दिख रहे थे. चिकित्सकों ने यह भी आशंका जताया कि लड़की को जहर भी दिया गया था. शायद इसी लिए लड़की अभी तक पूरे होश में नहीं आ पाई है.
      अभी तक चौसा और उसके आस-पास के किसी थाने में किसी लड़की के गायब होने की कोई शिकायत नहीं आई है. ऐसे में यह मामला ऑनर किलिंग की तरफ बढ़ रहा है.
(लेखक ई-टीवी के जिला संवाददाता हैं)

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