22 जुलाई 2016

चौसा के पोखर में मिली लड़की की हत्या निकला ऑनर किलिंग का मामला, पिता ने दी थी बेटी की हत्या की सुपारी: फरार कथित प्रेमी ने फोन पर मधेपुरा टाइम्स से पूछा कि क्या कोई प्यार करने वाला अपनी प्रेमिका की हत्या कर सकता है?

मधेपुरा में एक लड़की को प्यार करना मंहगा पड़ा और इसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पडी. पिछले तीन जुलाई को एक पिता ने अपने मान और सम्मान को लेकर बेटी की जान की कीमत लगाई 60 हजार और दे दी झूठी शान के खातिर पिता बेटी की हत्या करने की सुपारी.
मधेपुरा टाइम्स के पाठकों को याद होगा जब हमने चौसा के एक पोखर में घायल मिली लड़की की कहानी को प्रमुखता से उठाया था और उसी समय हमने ये बात भी उठाई थी कि हमारा अनुसंधान लड़की की मौत को ऑनर किलिंग की ओर जाता हुआ बता रहा था. मधेपुरा जिला के सीमावर्ती थाना क्षेत्र चौसा थानाक्षेत्र के अरजपुर पश्चिमी पंचायत के खलीफा टोला के पोखर में 03 जुलाई की सुबह एक अज्ञात लड़की की बेहोशी की हालत में मिली थी जिसे गला दबा कर मारने का प्रयास किया गया था. बाद में पता चला था की उसे जहर भी खिलाया गया था. 5 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार उसकी मौत डीएमसीएच, दरभंगा में हो गई थी.
   गुडिया की मौत सभी के लिए एक रहस्य बना हुआ था लेकिन 20 दिन बाद पुलिस ने इस रहस्य के ऊपर से पर्दा उठा दिया और जो सच्चाई सामने आई वह भी चौंकानेवाली है. गुड़िया के बारे में बताया गया कि वो फ़रवरी 2016 को घर से अपने कथित प्रेमी के साथ भाग गई थी. कई महीने बाद 04 जून को वो वापस अपने घर आई लेकिन 21 जून को वो फिर घर से गायब हो गई जिसके बाद 03 जुलाई को बेहोशी कि हालत में चौसा थाना क्षेत्र के खलीफा टोला के पास सड़क किनारे पोखर में फेकी मिली. लेकिन तब तक गुड़िया जिन्दा मौत और जिन्दगी के बीच जूझ रही थी. पुलिस को दिए बयान में मृतका के पिता ने बताया की गुड़िया के बार-बार भागने से समाज में उनकी प्रतिष्ठा पर असर हो रहा था इसलिए उसने अपने रिश्ते के एक साले को 60 हजार में गुड़िया को मारने की सुपारी दे दी.
    गुड़िया बचपन से शंकरपुर थाना क्षेत्र में अपने-नाना नानी के साथ रहती थी. बताया जाता है कि गाँव के दूसरी जाति के उसके एक सहपाठी से मधुर संबंध थे. यहाँ तक की गुड़िया ने अपने आधार कार्ड बनवाने के लिए भी उसी का मोबाईल नंबर दिया था. कथित प्रेमी के साथ गुड़िया का संबंध परिवार वालों को नागवार गुजरा. जब गुड़िया गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी तो उसने पुलिस को अपनी कुछ पहचान भी बताया था पर चुकी गला दबने के कारण गुड़िया कुछ बोल नहीं पा रही थी इसलिए कुछ स्पष्ट नहीं हो रहा था पुलिस को भी अनुसंधान में परेशानी हो रही थी. फिर भी पुलिस दो दिन बाद उसके परिवार का पता लगा ही ली और उससे संपर्क किया, लेकिन परिवार वाले गुड़िया से मिलने से कतरा रहे थे. पुलिस के दबाव में वे गुड़िया से मिलने तो पहुंचे लेकिन गुड़िया की हालत बिगड़ती गई और आखिरकार 5 दिन बाद डीएमसीएच दरभंगा में उसकी मौत हो गई. जिसके बाद पुलिस ने पिता के बयान पर उसके कथित प्रेमी और अन्य 03 के खिलाफ मामला दर्ज किया था. लेकिन पुलिसिया अनुसंधान में यह मामला ऑनर किलिंग का निकला है और पुलिस ने मृतक गुड़िया के पिता और रिश्ते में लगने वाले सुपारी किलर मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
     उक्त मामले की जानकारी देते हुए ए.एस.पी.राजेश कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी फरार चल रहा है जल्द उसे भी पकड़ कर जेल भेजा जाएगा. इस दौरान सदर थानाध्यक्ष मनीष कुमार और चौसा थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह भी मौजूद थे. भले हीं हमारे समाज में लड़के और लड़की की अवैध प्यार और मुहब्बत से नफरत करते हों पर गुड़िया की मौत हमारे समाज की उस सोच को बयाँ करती है. जहाँ जाति और परम्परा के बंधन में जकड़े लोग न तो प्रेम को पचा पाते हैं और न हीं अंतरजातीय प्रेम संबंध को स्वीकार करना चाहते हैं जिसका नतीजा आज प्यार करना एक गुड़िया नामक लड़की के लिए मंहगा साबित हुआ.
    हालांकि इस मामले में फरार रहते ही कथित प्रेमी गजेन्द्र ने मधेपुरा टाइम्स को सच्चाई बताते हुए कहा कि 28 जून की रात में गुडिया की माँ ने गुडिया से उसकी बात करवाते हुए उसे गुडिया को समझाने कहा. गजेन्द्र का दावा है कि पहली बार गुडिया के घर से भागने के बाद जब उसे फुसलाकर घर बुलाया गया तो बड़ी बेरहमी से उसे घरवालों ने प्रताड़ित किया. पर वह गजेन्द्र के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी थी. अपने पर हत्या के आरोप के बावत गजेन्द्र से मधेपुरा टाइम्स से सवाल दागा कि कोई भी यदि किसी से प्यार करता हो तो क्या उसकी हत्या कर सकता है???

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