22 जुलाई 2016

साढ़े पांच किलो गांजा के साथ सरगना पूजा समेत आठ कारोबारी गिरफ्तार


सुपौल। पूर्ण शराबबंदी के बाद कोसी इलाके में नशेड़ियों ने नशा के विकल्प के रूप में गांजा को पहली पंसद मान रहे हैं. शराबबंदी का फैसला लेने के बाद सूबे की सरकार ने इसे महिलाओं का डिमांड माना था, लेकिन चौंकाने वाली बात है कि गांजा कारोबारी के रूप में महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है.
      सदर एसडीपीओ वीणा कुमारी के नेतृत्व में शुक्रवार को सदर थाना पुलिस एवं उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने शहर के स्टेशन चौक स्थित महिला कॉलेज रोड में संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चला कर साढ़े पांच किलो गांजा के साथ आठ कारोबारियों को गिरफ्तार किया है.
      गिरफ्तार कारोबारियों में चार महिलाएं भी शामिल हैं. छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक बाइक भी जब्त किया है. इस बाबत सदर थाना पर प्रेस वार्ता आयोजित कर सदर एसडीपीओ ने बताया कि राज्य स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम को जिला मुख्यालय स्थित महिला कॉलेज रोड में चोरी छिपे गांजा बेचे जाने की सूचना किसी व्यक्ति द्वारा दी गयी थी. जिसके बाद वार्ड नंबर आठ स्थित मुहल्ला में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया. इस दौरान कई घरों से झोला और बैग में रखे करीब तीन किलो गांजा को जब्त किया गया. इस दौरान पुलिस ने गांजा कारोबारी पूजा देवी, शंभू पासवान, रूक्मनी देवी, सुरेश पासवान, उर्मिला देवी, मनोज पासवान, रीना देवी सहित सात कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार कारोबारियों से पूछताछ के बाद पुलिस गांजा के थौक कारोबारी भेलाही मुहल्ला निवासी मनोज चौधरी के घर पर छापेमारी कर मोटरसाइकिल के डिक्की में रखा एक किलो गांजा एवं घर में प्लास्टिक के बाल्टी में रखा करीब एक किला चार सौ ग्राम गांजा जब्त किया गया.पुलिस ने गांजा के थौक सप्लायर मनोज चौधरी को गिरफ्तार कर लिया.
       प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ वीणा कुमारी ने बताया कि बरामद गांजा का अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 90 हजार रुपये आंकी जा रही है.गिरफ्तार पूजा देवी, शंभू पासवान और थौक व्यवसायी मनोज चौधरी गांजा और शराब बेचने के आरोप में पूर्व में भी जेल जा चुके हैं.

अवैध कारोबार की सरगना है पूजा: स्टेशन चौक स्थित महिला कॉलेज रोड से शुक्रवार को गिरफ्तार गांजा कारोबारी पूजा पासवान कई अनैतिक कार्यों में लिप्त बतायी गयी है. पुलिस के अनुसार पूजा कई तरह के आपराधिक वारदातों में सक्रिय है. एक संगठित गिरोह का संचालन भी पूजा के घर से ही हो रहा है. चंद माह पूर्व सुपौल रेलवे स्टेशन से चोरी गये सामानों की बरामदगी के बाद पुलिस द्वारा पूजा को गिरफ्तार किया गया था.इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों ने पुलिस को दिये बयान में कई मामलों का उदभेदन करते हुए बताया था कि पूजा के संरक्षण में ही सहरसा, अररिया और पूर्णिया जिला के कई शातिर चोर सुपौल रेलवे स्टेशन पर चोरी और ठगी की घटना को अंजाम देते हैं. बताया कि चोरी और ठगी के बाद गिरोह के सदस्य पूजा के घर में पनाह लेते हैं और चोरी के माल का बंटवारा भी पूजा ही अपने हिसाब से करती है. वहीं पड़ोसियों की मानें तो सीधे-सादे पति के रहने का पूजा भरपूर फायदा उठाती है और खुलेआम अनैतिक कार्यों को अंजाम देती है.पूजा की हैसियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आस पड़ोस के लोग उसके सामने कुछ भी नहीं बोलते और उसके द्वारा अंजाम दिये जाने वाले अनैतिक कार्यों को मूक दर्शक बन कर देखते रहते हैं.वहीं पूजा का मायके भारत-नेपाल सीमा स्थित फारबिसगंज है.जिस कारण कई बड़े तस्करों से भी उसकी सांठ-गांठ है.

 गांजा और शराब का थोक विक्रेता है मनोज:  शहर के भेलाही मुहल्ला निवासी मनोज चौधरी पूर्व में भी अवैध शराब की बिक्री के आरोप में जेल जा चुका है. विगत कुछ दिनों से कोसी प्रोजेक्ट में कार्यरत मनोज चौधरी दिखावे के लिए जेनरल स्टोर की दुकान चलाता है. लेकिन उसका असली धंधा गांजा और अवैध शराब का ही है. शुक्रवार को गिरफ्तार कारोबारियों ने बताया कि मनोज मोटरसाइकिल की डिक्की में एक-एक किलो गांजा का पॉकेट बना कर छोटे कारोबारियों को पहुंचाया करता है. वर्षों से इस धंधे में लिप्त शातिर मनोज ने आज तक गांजा पहुंचाने के लिए किसी अन्य व्यक्ति को नहीं लगाया.जिस कारण उसकी गोपनीयता बनी हुई

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