19 जुलाई 2016

मधेपुरा: चौसा प्रखंड के कई गाँवों में कोसी का कहर शुरू

कोसी नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में बाढ़ का कहर जारी है. प्रखंड के फुलौत पूर्वी, फुलौत पश्चिमी, लौआलगान पश्चिमी एवं मोरसंडा पंचायत के निचले हिस्से में पानी के प्रवेश करने से कई गांवों का आवागमन बाधित सा हो गया है. यहां तक कि कई विद्यालयों में भी बाढ़ का पानी भी प्रवेश कर गया है जिससे बच्चे एवं शिक्षक मुश्किल में विद्यालय आते हैं. कोसी नदी में धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ने से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में रह रहे लोगों की धड़कने तेज हो गई हैं और वे अपना नया ठिकाना ढूँढने लगे हैं. पानी आने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई है.
           बताया जाता है कि मोरसंडा पंचायत के मोरसंडा, अमनी, महादलित टोला करेलिया मुसहरी, श्रीपुर बासा, परवत्ता, सिढ़ो बासा, फुलौत पूर्वी पंचायत के करेल बासा, अनूपनगर नयाटोला, पिहोड़ा बासा,बड़ी खाल, बड़बिग्घी, फुलौत पश्चिमी पंचायत के झंडापुर बासा, पनदही बासा, घसकपुर, सपनी मुसहरी आदि गांवों के चारो तरफ बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. पानी आने से गांवों का आवागमन ठप्प हो गया है. अब एक मात्र सहारा नाव बचा है. तियर टोला और हाहाधार में अवागमन के लिए बने चचरी पुल के डूब जाने एवं पदेय बासा से धुमावती स्थान, बरीखाल से धुमावती स्थान, करेल बासा से एनएच 106, नवटोलिया से डाक बंगला चौक, पिहोरा बासा से डाक बंगला चौक तक की सड़क पानी में डूब जाने से फुलौत बाजार का भी संपर्क बंद हो गया है.
           आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए अब यहाँ के लोगों को काफी सोचना पड़ रहा है. कोसी हर साल अपनी विनाश लीला दिखाती है. मुख्य कोसी नदी से छोटी बड़ी कई धाराएं निकली है जो कई गांवों को चारों ओर से घेरे हुए हैं. एक गांव से दूसरे गांव में जाने के लिए एक मात्र साधन नाव है. फुलौत के दक्षिण भाग से गुजरने वाली कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से छोटी-छोटी नदियां बाढ़ के पानी से भर गई है. बाढ़ आने से लोगों को अपना घर बार छोड़ कर अपने संबंधियों के यहां या फिर किसी ऊँचे स्थान पर रहना पड़ता है. इन क्षेत्रों में लगभग प्रत्येक घरों में कोई न कोई मवेशी भी पाले जाते हैं. पानी बढ़ने के साथ ही उनके चारे का संकट भी गहराने लगता है. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सुलभ शौचालय नही होने के कारण प्रति वर्ष आधे दर्जन लोगों की मौत पानी में डूबने से हो जाती है. दूसरी ओर लौआलगान पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत के कई क्षेत्रों के निचले हिस्से में भी पानी का प्रवेश हो गया है. पानी आने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई है.
            बताया जाता है कि कोसी नदी में पानी आने से उत्क्रमित मध्य विद्यालय तियर टोला फुलौत, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सपनी, प्राथमिक विद्यालय घसकपुर, झंडापुर एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय फुलौत पूर्वी भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है. शिक्षक एवं बच्चे मौत को हांथ में लेकर विद्यालय आते हैं. इस बावत अंचल अधिकारी अजय कुमार बताते हैं कि फिलहाल चिंता की कोई बात नही हैं. जिस गांव का आवागमन बाधित हुआ है वहां नाव का परिचालन किया जा रहा है.

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