25 जुलाई 2016

सहरसा-मानसी रेल खंड में ट्रेन सेवा ठप पड़ने से जिले के यात्रियों की भी बढ़ी मुश्किलें

सुपौल। सहरसा-मानसी के बीच कोसी के बाढ़ की वजह से रेल परिचालन ठप पर जाने का असर सहरसा के अलावे मधेपुरा तथा सुपौल जिले में भी देखा जा रहा है. रेल परिचालन बंद हो जाने से अब जिले के लोगों को भी रेल मार्ग से मानसी,  खगड़िया,  बेगुसराय,  बरौनी के साथ ही पटना व दिल्ली की ओर जाना मुश्किल हो गया है, जिससे स्थानीय रेल यात्रियों की चिंता बढ़ गयी है.
      उपरोक्त गंतव्य की ओर जाने के लिये लोगों को मजबूरन सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है, जो ना सिर्फ दुष्कर बल्कि समय और खर्च बढ़ाने वाला भी विकल्प है. मानसी की ओर रेल परिचालन बंद हो जाने से स्थानीय रेलवे स्टेशन पर भी रविवार को विरानी छायी रही.
     गौरतलब है कि सुपौल जिला सहरसा-फारबिसगंज पर अवस्थित है।यहां आज भी छोटी लाईन की ट्रेन चलती है. नतीजतन स्थानीय निवासियों को राजधानी व दक्षिण की ओर जाने के लिये सहरसा से बड़ी रेल लाईन का सहारा लेना पड़ता है. स्थानीय यात्री दिल्ली, पंजाब आदि जाने के लिये सहरसा से चलने वाली गरीब रथ, पूरवैया एक्सप्रेस व जन सेवा एक्सप्रेस आदि ट्रेनों का सहारा लेते हैं. वहीं पटना की ओर जाने वाली कोसी,  इंटर सिटी, राज रानी आदि ट्रेनों से आवागमन किया जाता है. जबकि दरभंगा के लिये लोग जानकी एक्सप्रेस से यात्रा करते हैं. सहरसा-फारबिसगंज के बीच रेल सेवा ठप पड़ जाने से इन महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन स्थगित हो गया है, जिसका खामियाजा स्थानीय रेल यात्री भी भुगत रहे हैं.
   रविवार को स्थानीय रेलवे स्टेशन पर इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने व पूर्व से आरक्षित टिकट को रद्द कराने वाले यात्रियों की आवाजाही लगी रही. हालांकि रविवार होने की वजह से इन यात्रियों का टिकट केंसिल नहीं हो पाया. स्टेशन अधीक्षक हेमंत कुमार ने बताया कि रविवार को रिजर्वेशन काउंटर यहां बंद रहता है. लिहाजा सोमवार से टिकट रद्द कर यात्रियों का पैसा लौटा दिया जायेगा. इधर ट्रेन सेवा ठप पड़ जाने से स्थानीय यात्री सड़क मार्ग का सहारा लेने लगे हैं. यहीं वजह है कि बसों में भीड़ बढ़ने लगी है.

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