04 जून 2016

सफलता ने चूमे कदम: मधेपुरा के सेंट विलियम्स से पढ़े आधा दर्जन छात्र-छात्राओं ने मारी आईआईटी, नीट और निफ्ट तक में बाजी

इनकी सफलता की कहानी अद्भुत है, बेमिशाल है. मधेपुरा जैसे छोटे जगह से पढ़े छात्र आज बड़ी सफलताएं अर्जित कर यह दर्शाने में कारगर रहे हैं कि यहाँ भी कुछ अच्छे शिक्षक हैं और कुछ अच्छे स्कूल.
    जिला मुख्यालय के कर्पूरी चौक के पास के निजी विद्यालय सेंट विलियम्स के छात्र-छात्रा रहे कम से कम चार प्रतिभाओं ने जहाँ IIT JEE (Main) में सफलता अर्जित की है वहीं एक छात्र ने नीट (ऑल इंडिया मेडिकल) 1st phase और एक साधारण परिवार के छात्र ने निफ्ट (National Institute of Fashion Technology) में सफलता अर्जित कर मधेपुरा में सफलता की एक नई इबारत लिख दी है.
  आइये एक नजर मधेपुरा का नाम रोशन करने वाले इन प्रतिभाओं पर:

1.    मेघना मिश्रा: मधेपुरा की रहने वाली मेघना मिश्रा ने मैट्रिक वर्ष 2012-13 के सत्र में पास की है और उससे पहले सेंट विलियम्स से स्कूलिंग तथा ट्यूशन लेती रही. विद्यानंद मिश्र और सुजाता मिश्रा की बेटी मेघना ने करीब 5 साल तक मधेपुरा के सेंट विलियम्स से पढ़ाई की और दशवीं के बाद जमशेदपुर के प्रेरणा क्लासेज की मदद से आईआईटी की तैयारी की थी. इस बार IIT JEE (Main) में सफलता के बाद अब लक्ष्य IIT JEE (Advance) में भी सफल होकर बड़ा इंजीनियर बनने का है.

2.    अभिमन्यू राज: मधेपुरा नगर परिषद् क्षेत्र के वार्ड नं. 14 के रहने वाले अभिमन्यू ने अपनी आठवीं तक की पढ़ाई सेंट विलियम्स से की और फिर नवमीं और दशवीं की पढ़ाई कोटा (राजस्थान) में की और अभी दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे हैं. अभिमन्यू ने भी इस बार IIT JEE (Main) के चक्रव्यूह को भेदा है और IIT JEE (Advance) में सफल होकर बड़े इंजीनियर बनने का सपना रखते हैं.

3.    चन्दन कुमार: मधेपुरा जिला मुख्यालय में कॉलेज चौक के पास पेट्रोल पम्प के सामने नाश्ता की दुकान चलाने वाले बिजेंद्र यादव और उनकी पत्नी अहिल्या देवी को भी ये कहीं से अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा IIT JEE (Main) में बाजी मार लेगा. परिवार की आर्थिक स्थिति भले ही कमजोर हो, पर हौसले मजबूत हैं. 2013-14 बीच में मैट्रिक पास करने वाले चन्दन ने उससे पहले लगातार चार साल सेंट विलियम्स से पढ़ाई की है.

4.    आयुष राज: पिता संजय घोष और माता स्मृति सिन्हा के पुत्र आयुष ने भी इस बार IIT JEE (Main) में सफलता अर्जित की है. सेंट विलियम्स के प्राचार्य सुशील शांडिल्य बताते हैं कि बचपन से मेधावी रहे मधेपुरा के चन्दन ने 4th से लेकर 6th तक उनसे ट्यूशन पढ़ा और फिर 7th के लिए पिलानी स्कूल में एंट्रेंस टेस्ट दिया जिसमे आयुष 2nd Topper था. 

5.    अतुल रंजन: पटना निवासी पुलिस अधिकारी राकेश सिंह के पुत्र अतुल रंजन ने मैट्रिक वर्ष 2012-13 के सत्र में पास की और उससे पहले सेंट विलियम्स के छात्र रहे. पिता इस इलाके में सरकारी सेवा में थे और इस बार मेडिकल की नीट (1st phase) में अतुल ने सफलता हासिल की है और वर्तमान में कोटा में रहकर तैयारी कर रहे हैं. सपना बड़े डॉक्टर बनने का है.

6.    शादाब जौहर: मधेपुरा जिला मुख्यालय के भिरखी के रहने वाले शादाब जौहर ने इस बार अपना जौहर कठिन माने जाने वाले निफ्ट (National Institute of Fashion Technology) में सफलता हासिल कर दिखाया है. शिक्षक अब्दुल अहद जौहर और नौशबा बानो के पुत्र शादाब ने भी अपनी पढ़ाई मधेपुरा के सेंट विलियम्स से ही की है.

      अपने पढ़ाये बच्चों की सफलता से उत्साहित सेंट विलियम्स के प्राचार्य सुशील शांडिल्य मधेपुरा टाइम्स से कहते हैं कि वे सिर्फ ईमानदारी से छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने का काम कर रहे हैं, बाकी मेहनत तो वे खुद कर रहे हैं. हाँ, वे William Arthur Ward की इन पंक्तियों को जरूर याद रखते हैं कि  'The mediocre teacher tells. The good teacher explains. The superior teacher demonstrates. The great teacher inspires. और शायद उनकी प्रेरणा ही छात्र-छात्राओं में संघर्ष का जज्बा पैदा कर रहा है.
(Report: R.K. Singh)

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