10 जून 2016

चार दिनों के आमरण अनशन के बाद अंतत: सिंहार पंचायत के विवाद का हुआ पटाक्षेप

मधेपुरा जिला के आलमनगर प्रखण्ड के सिंहार पंचायत के मुखिया पद के लिए पिछले आठ दिनों से चल रहे आंदोलन का प्रमाणपत्र मिलने के बाद पटाक्षेप हो गया. निर्वाची पदाधिकारी मिन्हाज अहमद के द्वारा सिंहार पंचायत के मुखिया पद हेतू पूनम देवी को 14 मतों से निर्वाचित घोषित किया गया एवं प्रमाण पत्र पूनम देवी को देने के साथ ही चार दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन समाप्त हो गया.
     बता दें कि तीन जून को मतगणना के दौरान नीलम देवी को 1237 मत एवं पूनम देवी को 1235 मत प्राप्त हुआ था. पूनम देवी द्वारा पुर्नमतगणना कराये जाने के उपरान्त पूनम देवी को दस मतों से नीलम देवी पर बढ़त प्राप्त हो गया. इस वजह से जहाँ नीलम देवी के समर्थकों ने उग्र होकर प्रर्दशन करते हुए चार जून को एन-एच 106 को मधेली चौक पर जाम कर दिन भर हंगामा किया वहीं दस मतों से बढ़त मिलने के बावजूद जीत की घोषणा एवं प्रमाणपत्र पूनम देवी नहीं मिलने पर पूनम देवी के सर्मथकों ने मतगणना केन्द्र पर पथराव के साथ-साथ उग्र प्रदर्शन किया था. इसके बाद 6 जून से मुखिया प्रत्याशी पूनम देवी व उनके सैंकड़ों समर्थकों द्वारा प्रखण्ड परिसर में आमरण अनशन करने के साथ-साथ प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी के साथ बैठ गये थे.
     इस बाबत निर्वाची पदाधिकारी मिन्हाज अहमद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को यह मामला का निष्पादन करने के लिए आग्रह किया गया था. राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर जांच टीम का गठन किया गया जिसमें डीडीसी मधेपुरा मिथिलेश कुमार उपनिर्वाचन पदाधिकारी महेश कुमार एसडीओ उदाकिशुनगंज मुकेश कुमार शामिल थे. जांच टीम के द्वारा गुरूवार को मतगणना केन्द्र वीरेन्द्र कला भवन पहुंचकर अधिकारीयों ने वैध एवं अवैध मतों की बारीकी से जांच की जिसके उपरान्त पूनम देवी को 1241 मत एवं नीलम देवी को 1227 मत प्राप्त हुआ. प्रतिवेदन पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूनम देवी को 14 मतों से विजयी घोषित करने के आदेश के बाद निर्वाची पदाधिकारी मिन्हाज अहमद द्वारा प्रमाणपत्र दिया गया. प्रमाण मिलते ही पूनम देवी के सर्मथकों में खुशी की लहर दौर गई.
(रिपोर्ट: प्रेरणा किरण)

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