07 मई 2016

बेगम लगा रही अपने मियां के लिये दम: सत्यवानों की सावित्रियाँ बनने के प्रयास में महिलायें

मधेपुरा जिले के पुरैनी प्रखंड क्षेत्र में आठवें चरण में 22 मई को होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जहाँ पुरुषों की अपेक्षा महिला प्रत्याशी अधिक संख्यां में चुनावी समर में कूद कर पुरुषों का डटकर मुकाबला कर रही हैं, वहीं प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों से मुखिया, सरपंच व पंचायत समिति सदस्य एवं वार्ड तक के चुनाव लड़ रहे पुरुष प्रत्याशियों को भी महिलाओं का सहारा लेना पड़ रहा है.
     अब तक आपने पतियों को अपने पत्नी के लिये वोट मांगते व दम लगाते देखा होगा, लेकिन अब युग बदल चुका है.  समाज जैसे-जैसे शिक्षित हो रहा है, महिलायें भी समाज और पति के हर काम में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही है. तभी तो कई मुखिया, पंचायत समीति सदस्य व सरपंच पद से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की पत्नी चुनाव मैदान में अपनी पति का नैया पार करने के लिये पति के मतपत्र का नमूना व छाप लेकर घर-घर का चौखट चूमते हुए अपने पति के हक में वोट करने की अपील कर रही है.
    राजनीति में महिलाओं के बढते कदम से यह साबित हो रहा है कि बिहार के  ग्रामीण परिवेश में रहने वाली महिलायें भी अब शिक्षित व सबल तो हो ही रही है साथ ही अपने अधिकार व दायित्व को भी भली भांति समझ रही है.
   जो भी हो यह बदलाव की बयार है और देखना है कि मियां के लिए दम लगाने वाली कितनी बीवियां अपने सत्यवान पतियों के लिए सावित्रियाँ साबित होती है या फिर उनके दम की ही दम निकल जाती है.

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