16 मई 2016

सिंडिकेट की बैठक से पहले एबीवीपी का प्रदर्शन: पुलिस छावनी में तब्दील हुआ बीएनएमयू

मधेपुरा के बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में सिंडीकेट बैठक से पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के छात्र संगठनों ने छात्रों के जनहित में अपनी मांग को लेकर धरना दिया और सिंडिकेट सदस्यों का जूता पॉलिस कर विरोध प्रदर्शन किया. धरना को लेकर बैठक में घंटों बिलम्ब हुआ. बाद में पुलिस ने बल प्रयोग कर जबरन छात्रों को गिरफ्तार कर लिया. इस बीच कड़ी धूप के कारण कई छात्र बेहोश हो गए जिनपर पानी डालकर पुलिस ने जीप में बैठाया और थाना पहुंचाया.
       पूरी घटनाक्रम के कारण घंटों बाद सिंडिकेट की बैठक प्रारम्भ हुई तो कुलपति डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि छात्रों ने पूर्णियां में सिंडिकेट बैठक के दौरान ज्ञापन दिया था और आज सात दिन बाद फिर बैठक के दौरान धरना दिया गया है. ये धरना कार्यक्रम किसी और दिन भी हो सकता था. वहीँ सिंडीकेट सदस्य अजय कुमार समेत कई सदस्यों ने छात्रों से जूता पॉलिस कराने के बाद कहा कि छात्रों की मांगें जायज है और बैठक में छात्र हित को लेकर मजबूती से बात रखी जायेगी.
         अखिल भारतीय छात्र परिषद् के छात्रों ने अपनी मांग को लेकर जमकर बवाल काटा. छात्रों के हित में अपनी 25 सूत्री मांग को धरना-प्रदर्शन करने वाले छात्रों का कहना था कि पूर्व के सिंडीकेट बैठक के दौरान पूर्णियां में कुलपति को छात्र नेताओं ने अपनी मांग पत्र सौंपा था पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया. उसी वजह से आज आक्रोशित विद्यार्थी परिषद् के छात्रों ने सिंडिकेट की बैठक से पूर्व गेट पर धरना-प्रदर्शन कर अपने आक्रोश का इजहार किया और सिंडीकेट सदस्यों का जूता पॉलिस किया. वहीँ इस दौरान कई सदस्यों सहित विधायक अनिरूद्ध प्रसाद अपना पल्ला झाड़ते दिखे. लेकिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के छात्र नेता राहुल यादव ने कहा जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन हमारी मांगे पूरी नहीं करेंगे तब तक आन्दोलन दिन-ब-दिन तेज होता रहेगा. तबतक विश्वविद्यालय के मनमानी पूर्ण रवैये के कारण छात्र नेता सहित विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों के छात्र जूता पॉलिस करने पर मजबूर हो रहे हैं.
      इस मामले को लेकर आज विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के छात्रों ने एक सप्ताह पूर्व पूर्णियां  में आयोजित सिंडीकेट की बैठक में ज्ञापन सौंपा जरुर था लेकिन आज बैठक के दौरान हीं फिर धरना-प्रदर्शन पर उतारू गए. ये और भी दिन हो सकता था. जब हम लोग हमेशा छात्रों से मिलने को तैयार हैं तो सिंडीकेट की बैठक में इस तरह करना उचित नहीं था. जबकि छात्र नेता राहुल यादव का कहना था कि बातचीत का समय कुलपति ने नहीं दिया था जिसकी वजह से हम आज प्रदर्शन पर मजबूर हुए.
         भले ही राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था पर पुरजोर बल देने की बात कर रही है पर धरातल पर स्थिति कुछ ठीक नहीं है. बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय स्थापना काल से ही विवादों के घेरे में रहा है जिससे विश्वविद्यालय में पठन-पाठन की स्थिति चरमरा सी गयी है. नाराज छात्र नेताओं द्वारा लगातार अपनी मांग को लेकर आन्दोलन किया जाता रहा है.

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