22 मई 2016

यादगार रहा गम्हरिया में मेघदूतम नाट्य कार्यशाला: 7 दिवसीय कार्यशाला का समापन

मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड मुख्यालय के  मनरेगा भवन गम्हरिया में पूर्व क्षेत्र संस्कृति  केंद्र कोलकाता भारत सरकार के संयोजन से एवं मेघदूतम् नाट्य संस्था के द्वारा राम बहादुर रेणु (रा० ना०वि०स्नातक/ अभिनेता ) के निर्देशन में सात दिवसीय मेघदूतम नाट्य कार्यशाला का समापन शनिवार को किया गया. समापन समारोह में कलाकारों का मनोबल बढाने के लिए गम्हरिया बीडीओ कुमारी पूजा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
   इस समापन समारोह में प्रशिक्षुओं के द्वारा तैयार की गई झांकियों को भी प्रस्तुत किया गया, जिसमे इस समारोह में आए हुए अतिथियों ने इसकी खूब प्रशंसा की समारोह में उपस्थित मधेपुरा जिला आत्मा पदाधिकारी  राजन बालन जी ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला से बच्चों का मानसिक विकास होता है तथा उन्होंने हास्य कविता कह कर प्रशिक्षुओं को खूब हंसाया. साहित्यकार, किसान तथा आयुर्वेद चिकित्सक शंभू शरण भारतीय जी ने भी अपनी कविताओं से प्रशिक्षण का मन मोह लिया तथा पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कोलकाता को धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह का आयोजन गम्हरिया जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में होने से भारतीय सभ्यता संस्कृति का उजागर होगा. इसी कड़ी में सेवानिवृत्त शिक्षक गोपाल गुप्ता जी ने भी इस कार्यशाला की सराहना की तथा रेनू जी को धन्यवाद किया. 
       इस समारोह में स्थानीय समाजसेवी डॉ० विजयकुमार, श्री हरि सिंह, विमल गुप्ता, सहरसा के वरिष्ठ रंगकर्मी अमित सिंह जयजय, खुशबू सिंह, विकास भारती, श्वेता कुमारी ,मधेपुरा से आई रंगकर्मी सोनी राज तथा सुपौल के वरिष्ठ रंगकर्मी अजय अंकोला ने भी कार्यशाला का सराहना करते हुए अपनी राय रखी.
     कार्यशाला निदेशक श्री राम बहादुर रेणु ने कहा कि कौन कहता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रंगकर्म का विकास नहीं हो सकता है अगर इस तरह के कार्यशाला का आयोजन लगातार होता रहे तो ग्रामीण क्षेत्रों से ही रंगकर्म का विकास होगा तथा ग्रामीण रंगकर्म बहुत समृद्ध होगी कार्यशाला सह निदेशक श्रीमती महुआ सेन बहादुर गम्हरिया जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के रंग कर्मियों की संख्या को देखकर ओतप्रोत हो गई तथा उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं की उज्जवल भविष्य की कामना की. वरिष्ठ रंगकर्मी अमित कुमार अंशु ने खास करके लड़कियों को प्रेरित करने के लिए कहा कि अगर हमें रंगकर्म करना है तो लोगों के बातों को अनसुना करना पड़ेगा क्योंकि "सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग".
     कार्यशाला में श्यामसुंदर, निर्भय निरंजन, शंकर राम, हर्षन, मनीष, आतिफ, रवि, कार्तिक, इमरान, शिवम, सोनल ,अंकित, सुमित, बमबम, कुंदन, काजल, रित , मनीषा, चांदनी, प्रीति, मुन्नी, छाया, उजाला पूजा, सर्फराज, रूपेश, रविशंकर, अमित, आलोक, मिट्ठू, विकास, बंटी, प्रवीण, आनंद, विजय, मणि, नितेश, सुमन, मधुसूदन, निहाल, एहसान, अरुण, राजन एवं खुशबू उपस्थित रहे. समारोह के अंत में सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरण किया गया |
    समारोह के अंत में कार्यशाला प्रभारी मिथुन कुमार गुप्ता सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम के समाप्ति की घोषणा की.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...