09 मई 2016

पुल निर्माण में अनियमितता से स्थानीय लोगों में आक्रोश: संवेदक पर मनमानी का आरोप

मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड के एनएच 106 फुलौत से आलमनगर तक विश्व बैंक द्वारा संपोषित योजना के तहत बनने वाली सड़क सहित दो उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य शिलान्यास के दो वर्षो बाद भी पूरा नहीं किये जाने पर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है. ग्रामीणों ने संवेदक पर मनमाने तरीके से पुल एवं सड़क का निर्माण कार्य करने का भी आरोप लगाया है.
    मालूम हो कि आलमनगर से फुलौत एनएच 106 तक सड़क सह पुल निर्माण को लेकर क्षेत्रीय विधायक सह पूर्व मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव द्वारा एक मई 2013 को सड़क का शिलान्यास किया था. सड़क सह पुल का निर्माण कार्य विश्व बैंक द्वारा बाढ़ संपोषित योजना के तहत 17 करोड़ 25 लाख की लागत से 18 माह में पूरा किया जाना था. लेकिन शिलान्यास के दो वर्षो बाद भी पुल सह सड़क का निर्माण कार्य नहीं हाने से फुलौत के लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है. ग्रामीण ललन कुमार मेहता, निवर्तमान पंचायत समिति श्यामदेव पासवान, पंकज कुमार मेहता, नंदन यादव, अभिनंदन पासवान, सुनील कुमार यादव आदि कहते हैं कि अधिकारियों की घोर लापरवाही एवं उदासीनता के कारण सड़क एवं पुल का निर्माण कार्य समय से पूरा नहीं किया जा रहा है. पुल नहीं होने के कारण में अब तक दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है और फिर बाढ़ आने वाली है. यह संवेदक की मनमानी नहीं है तो क्या है. ग्रामीण बताते हैं कि संवेदक द्वारा कार्यस्थल पर योजना पट्टिका भी नहीं लगायी गई है. सड़क एवं पुल निर्माण में संवेदक द्वारा नियमों को ताक पर रख कर किया जा रहा है. निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर कई बार सवाल उठाया गया लेकिन कोई अधिकारी ध्यान नही नहीं देते हैं, जबकि कई बार अधिकारियों को लिखित सूचना भी दी गई।
       ग्रामीण अरूण कुमार सिंह, विनोद शंकर राय, सुभाष यादव, ओमप्रकाश शर्मा, विनोद यादव ने कहा कि संवेदक द्वारा जो पुल का निर्माण किया जा रहा है उसमें लगने वाला छड़ इतना पतला है कि कोई भी लोग इस तरह का छड़ अपने घर में लगाना उचित नहीं समझेगा. संवेदक को कई बार कहा गया लेकिन संवेदक ग्रामीण की बातों पर अमल ही नहीं करते है. ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से स्वयं स्थल जांच कर संवेदक के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की हैं.

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